महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगाई की रहने वाली 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपने संघर्ष और दृढ़ संकल्प से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अपनी बेटियों की शिक्षा के लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से रमाबाई ने बिना जूतों के मैराथन में हिस्सा लिया और नंगे पैर दौड़ते हुए अपनी दौड़ पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ने की उनकी कोशिश और बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए उनका समर्पण बेहद प्रेरणादायक रहा।
रमाबाई की इस कहानी की जानकारी क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर तक पहुंची। उनकी मेहनत और जज्बे से प्रभावित होकर सचिन ने रमाबाई के लिए दौड़ने वाले जूते भेंट किए, ताकि वह आगे की मैराथन में सुरक्षित और आराम से दौड़ सकें। इतना ही नहीं, सचिन ने उनकी दोनों बेटियों और रमाबाई को मैराथन के लिए प्रोत्साहित करने वाले व्यक्ति के लिए भी जूते उपलब्ध कराए। सचिन के इस खास gesture ने रमाबाई के संघर्ष को सम्मान देने के साथ-साथ उनके आगे के सफर के लिए हौसला भी बढ़ाया।
